तुम ही वो हो

वेदना , कश्ट , दुख - दर्द , तकलीफ ,
और भी बहुत सी ऐसी ही अप्रिय भाव ,
मेरी जिन्दगी मे सिर्फ तब - तब आते हैँ,
कि जब भी मैँ तेरी यादो की पोटली खोल कर बैठता हूँ,
जरा सा पीछे लौट्कर जाता हूँ,
और तेरे पहलू मे बिताये हुए वो पल याद करता हूँ,
जब भी याद करता हुँ कि तुम ही वो थी जिसे मैने चाहा था,
और तुम ही वो हो जिसने मुझे सिर्फ अपने प्रयोग मे लाया था.....!!!



Comments

Popular posts from this blog

हर हर महादेव

आवारगी

तेरी खुशबू में लिपटे हुए खत