3

यूं तो हर सिफ्त

काबिल-ए-तौसीफ़ है

मेरे क़िरदार में, मगर


मुझको जो मोहब्बत

मेरी आवारगी से है

वो बात किसी और में नहीं.....!!


4

हर एक आहट पे

तुम आओ ये मुमकिन तो नहीं,


मगर

हर एक आहट पे

तुम आए हो ऐसा लगता है मुझे.....!!


5

बहुत शर्मिन्दा किया 

फिर हमको तेरी आदत ने ओ जाना,


वो तेरे बाद जिस तरह

हम अपनी आंखो में तेरा अक्स

 ले के घूमे हैं....!!

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