कोई और भी है तेरा



कोई और भी है जो तेरे करीब रहता है शायद,
आखिर यूँ ही तो नहीँ तुम मुझसे दूरियाँ बढ़ा रहे होे.....1

कोई और भी है जो तेरा ख्याल रखता है शायद,
आखिर यूँ ही तो नहीँ तो बेख्याल होते जा रहे हो......2

कोई और भी है जो तुझसे वफ़ा कर रहा है शायद,
आखिर यूँ ही तो नहीँ तुम बेवफा होते जा रहे हो.......3

कोई और भी है जो तेरे हुस्न का मुरीद है शायद,
आखिर यूँ ही तो नहीँ तुम बेफिकर होते जा रहे हो......4

कोई और भी है जो तुझे याद करता है हरदम
आखिर यूँ ही तो नहीँ तुम मुझको भुला रहे हो.........5

कोई और भी है जो तुझे बेइंतेहा चाहता है शायद,
आखिर यूँ ही तो नहीँ तुम मेरी चाहतें भुला रहे हो......6

कोई और भी है जो तेरे ख़्वाबों में बस रहा है
आखिर यूँ ही तो नहीँ तुम मुझे रक़ीब बुला रहे हो.......7

कोई और भी है जो तेरी साँसों में महक रहा है
आखिर यूँ ही तो नहीँ तुम बहकते जा रहे हो..........8

कोई और भी है जो तेरी नज़रों में रहने लगा है
आखिर यूँ ही तो नहीँ तुम मुझसे नजरें फिरा रहे हो.....9

कोई और भी है जो तुझको अपना सा लग रहा है,
आखिर यूँ ही तो नहीँ तुम गैर होते जा रहे हो........10

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