निकम्मा

तमाम जिन्दगी मैने खुद को उजडते देखा,
तडपते देखा,
और मोहब्बत मे बिगडते देखा,
पर कोशिश नही की कभी कि सम्हल जाउँ,
कितना निकम्मा हूँ ना मैँ......!!!!!

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